बिहार सरकार शिक्षकों को मौत के मुँह में धकेल रही है - संजीव कामत
मधुबनी : रविवार को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला कार्यकारिणी की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए संघ के जिला अध्यक्ष संजीव कुमार कामत ने कहा कि राज्य में एवं जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिनों दिन लगातार बढ़ती ही जा रही है। इसके बाबजूद राज्य सरकार लॉकडाउन अवधि में भी प्रतिदिन दिन सभी शिक्षकों को विद्यालय आने और एमडीएम का चावल वितरित करने का तुगलकी फरमान जारी की है। इससे शिक्षकों को कोरोना संक्रमित होने का खतरा है। सरकार शिक्षकों को मौत के मुँह में धकेल रही है। उन्होंने स्थिति में सुधार होने तक बच्चों एवं शिक्षकों के लिये विद्यालय पूर्णतः बंद कर एमडीएम का चावल बांटने पर रोक लगाने की मांग की। प्रधान सचिव अवधेश कुमार झा ने कहा कि जिले के नये डीपीओ स्थापना श्री शोभाकान्त राय एक सप्ताह पहले पदभार ग्रहण कर चुके हैं। ज़िले में एसएसए एवं जीओबी दोनों वेतन मदों में पर्याप्त आवंटन भी है। इसके बावजूद भी प्रारंभिक शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे शिक्षकों में काफी आक्रोश है। उन्होंने बकरीद पर्व से पहले शिक्षकों के सभी प्रकार के बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग की। कोषाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद यादव ने उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 के बच्चों को पढ़ाने हेतु प्रतिनियुक्त किये गये स्नातक योग्यताधारी प्रारंभिक शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षकों के समान वेतन एवं भत्ता देने की मांग रखी। बैठक को जिला प्रवक्ता रंजन चौधरी, उपाध्यक्ष लीलाधर पासवान, मो० नूर आलम, सुरेश कुमार यादव, राकेश चौधरी, पांडव यादव, डॉ० सीमा कुमारी यादव, सुरेंद्र कुमार यादव, कार्यालय सचिव मनीष कुमार कर्ण, जिला सचिव मो मुर्तजा, ललित नारायण ललन, रजनीश गांधी, प्रेमचंद प्रसाद, ललन ठाकुर, बबिता कुमारी, कार्यकारिणी सदस्य उपेंद्र प्रसाद, राम सरोवर भारती, परमेश्वर यादव, प्रणव शंकर ने भी संबोधित किया।